एशो एशो ओगो श्यामछायाघन दिन …

हे आणखी एक वर्षा गीत…

এসো এসো  ওগো শ্যামছায়াঘন দিন, এসো এসো।
    আনো আনো তব মল্লারমন্দ্রিত বীন॥
        বীণা বাজুক রমকি ঝমকি,
    বিজুলির অঙ্গুলি নাচুক চমকি চমকি   চমকি।
নবনীপকুঞ্জনিভৃতে    কিশলয়মর্মরগীতে–
       মঞ্জীর বাজুক রিন্‌-রিন্‌ রিন্‌-রিন্‌॥
নৃত্যতরঙ্গিত তটিনী   বর্ষণনন্দিত নটিনী– আনন্দিত নটিনী,
    চলো চলো কূল উচ্ছলিয়া   কলো-কলো-কলো-কল্লোলিয়া।
তীরে তীরে বাজুক অন্ধকারে   ঝিল্লির ঝঙ্কার ঝিন্‌-ঝিন্‌-ঝিন্‌-ইন্‌॥

हे गाणे मराठीत…

एशो एशो ओगो श्यामछायाघन दिन, एशो एशो..

(एशो – ये ..)

आनो आनो तव मल्हारमन्द्रित बीन ..

(आनो – आण , बीन – वीणा ..)

बीना बाजूक रमकि झमकि,

(बाजूक – वाजू देत..)

बिजुलीर अंगुलि नाचूक चमकि चमकि…

(बिजुली – वीज , नाचूक – नाचू देत…)

नबनीपकुन्जनिभृते किशलयमर्मर गीते —

(नबनीपकुन्ज – कदंब वृक्षांचे जंगल.. किशलयमर्मर – डोलणारे गवत …)

मंजीर बाजूक रिण -रिण – रिण रिण ..

(मंजिर – एक वाद्य, बाजूक – वाजू देत...)

नृत्यतरंगित तटिनी बर्षणनंदित नटींनी — आनंदित नटींनी,

(तटिनी – नदी , नटींनी – नर्तिका..)

चलो चलो कुल उच्छलिया कलो – कलो – कलो कल्लोलिया …

(कुल – किनारा..)

तीरे ती रे बाजूक अंधकारे झिल्लीर झंकार झीन झीन झीन इन….

(झिल्लीर झंकार – रातकिड्यांची किर किर...)

हे गाणे ऐकुया श्रीमती रमा मंडल ह्यांच्या आवाजात…

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