काल रातेर बेला गान एलो मोर मने.. …

काही काही वेळा असे होते कि खूप काही मनात येते..काहीतरी मनात स्फुरते वा चमकून उठते..कुणाला तरी सांगावेसे वाटते.. पण त्या वेळी आपले माणूस जवळ नसते.. नंतर तीच गोष्ट सांगायला गेले तर वेळ निघून गेलेली असते किंवा जे आधी प्रकर्षाने जाणवले होते ..त्यात ती अपूर्वाई आता राहिलेली नसते… अशा चुकलेल्या क्षणांची हुरहूर ह्या गाण्यात रवींद्र नाथानी व्यक्त केलेली आहे…विलक्षण सुंदर गाणे…

কাল   রাতের বেলা গান এল মোর মনে,
                 তখন তুমি ছিলে না মোর সনে॥
যে কথাটি বলব তোমায় ব’লে    কাটল জীবন নীরব চোখের জলে
সেই কথাটি সুরের হোমানলে     উঠল জ্বলে একটি আঁধার ক্ষণে–
                  তখন তুমি ছিলে না মোর সনে॥
               ভেবেছিলেম আজকে সকাল হলে
               সেই কথাটি তোমায় যাব বলে।
ফুলের উদাস সুবাস বেড়ায় ঘুরে    পাখির গানে আকাশ গেল পূরে,
সেই কথাটি লাগল না সেই সুরে    যতই প্রয়াস করি পরানপণে–
                    যখন তুমি আছ আমার সনে॥

हेच गाणे मराठीत…

का ल राते र बेला गान ए लो मोर मने,

(काल रात्री एक गाणे स्फुरले मला..)

तोखों न तुमिं छिले ना मोर शोणे….

(पण तू नव्हतीस ऐकायला…(शोणे – श्रवण , ऐकणे..)

जे कथाटि बोलबो तोमाय बोले का ट लो जीवन निरब चोखेर ज ले

(ते गाणे तुला ऐकवावे म्हणून खूप वाट पा हिली…)

सेई कथाटी सुरेर होमानले , उठलो ज्व ले एकटी आधार खने —

(रात्रीच्या ता ऱ्या प्रमाणे सूर चमकून उठले…)

तोखों न तुमि छि ले ना मोर शोणे …

(पण हाय..तेव्हा तू नव्हतीस ऐकायला….)

भेबे छिलेम आजके सकाल होले

(वाटले आज सकाळीच ..)

सेई कथा टि तोमाय जा बो बोले ..

(ते गाणे तुला ऐकवावे….)

फुलेर उदास सुवास बेडा य घुरे , पाखिर गाने आकाश गेलो पुरें ,

(फुलांचा सुवास सर्वत्र…आकाश भरून गेलेय पक्षांच्या गाण्याने…)

सेई कथा टि लागलो ना सेई सुरे जतो इ प्रयास कोरी परान पने —

(पण ते सूर काही (मला) आठवेनात…किती हि प्रयत्न केला तरी…)

जखन तुमि आछो आमार शोणे …

(जेव्हा तू आहेस इथे ऐकायला…)

The Fugitive” ह्या काव्य आणि कथा संग्रहात रवींद्र नाथानी केलेला ह्या कवितेचा इंग्लिश अनुवाद इथे देत आहे…

I N the night the song came upon me, when you were away.
    It spoke of that for which I had struggled all my days, and in a still moment of the dark the words burned with music like stars, when you were away.
    My hope was that, in the morning, I should sing it to you before I left, but try as I may, my music misses its words, when you are by me.

हे गाणे ऐकुया चिन्मय चट्टोपाध्याय ह्यांच्या आवाजात…

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