रॉबर्ट बर्न हा स्कॉटिश कवी, रवींद्र नाथांचा बहुतेक आवडता कवी होता…मागे आपण रॉबर्ट बर्न ची एक कविता पहिली..”ye banks and braes” आणि रवींद्र नाथानी केलेले तिचे बांगला रूपांतर “फुले फुले ढोले ढोले”..तेच सूर, तोच आशय..फक्त बांगला शब्द चपखल पणे बसवलेले..
हि आणखी एक कविता…पुरानो सेई दिनेर कथा …मूळ रॉबर्ट बर्न च्या “should auld acquaintance be forgot?” कवितेवर आधारलेली..तेच सूर..तोच अर्थ..आणि बांगला शब्द….
পুরানো সেই দিনের কথা ভুলবি কি রে হায়।
ও সেই চোখের দেখা, প্রাণের কথা, সে কি ভোলা যায়।
আয় আর-একটিবার আয় রে সখা, প্রাণের মাঝে আয়।
মোরা সুখের দুখের কথা কব, প্রাণ জুড়াবে তায়।
মোরা ভোরের বেলা ফুল তুলেছি, দুলেছি দোলায়–
বাজিয়ে বাঁশি গান গেয়েছি বকুলের তলায়।
হায় মাঝে হল ছাড়াছাড়ি, গেলেম কে কোথায়–
আবার দেখা যদি হল, সখা, প্রাণের মাঝে আয়॥
हे गाणे मराठीत…
पुरानो सेई दिनेर कथा भुलबि कि रे हाय ..
( पुरानो दिन – जुने दिवस, भुलबि – विसरणे ..)
ओ सेई चोखेर देखा, प्राणेर कथा. शे कि भोला जाय …
( चोखेर देखा – नजर भेट , प्राणेर कथा – हितगुज )
आय आर एकटी बार आय रे सखा, प्राणेर माझे आय ..
मोरा सुखेर दुःखेर कथा कोबो , प्राण जुडाबे ताय ..
(मोरा – आपण, कथा – गोष्टी , कोबो – सांगणे..कहिबो चा अपभ्रंश ..)
मोरा भोरेर बेला फुल तुले छि , दु ले छि दोलाय –
( भोरेर बेला – पहाट , दोलाय – झोपाळा )
बाजिये बांशी गान गेये छि बकुलेंर तलाय …
(बांशी – बासरी , बकुलेंर त ला य – बकुळी च्या तळी )
हाय माझे होलो छा डा छा डि, गेलेंम के कोथा य –
( छा डा छा डि – दुरावा..)
आबा र देखा जो दि होलो, सखा, प्राणेर माझे आय….
( आबा र – पुन्हा, देखा – भेट , माझे – मध्ये..)
हे गाणे “अग्नीश्वर” सिनेमात गायले आहे हेमंत कुमार ह्यांनी…
रॉबर्ट बर्न ची कविता पण इथे देत आहे…हे गाणे स्कॉटलंड आणि इतर इंग्लिश देशात नवीन वर्षाच्या स्वागत समारंभात आवर्जून गातात..