बांगला काल गणने नुसार आज २२ श्रावण, रवींद्र नाथांचा मृत्यू दिन..हा दिवस “बाईशे श्राबोन” म्हणून पाळला जातो..
त्यांच्या स्मृतीला अभिवादन करून त्यांची हि आणखी एक कविता पाहूया..हे पण एक ब्राम्हो संगीत आहे…
প্রভু, তোমার বীণা যেমনি বাজে
আঁধার-মাঝে
অমনি ফোটে তারা।
যেন সেই বীণাটি গভীর তানে
আমার প্রাণে
বাজে তেমনিধারা॥
তখন নূতন সৃষ্টি প্রকাশ হবে
কী গৌরবে
হৃদয়-অন্ধকারে।
তখন স্তরে স্তরে আলোকরাশি
উঠবে ভাসি
cিত্তগগনপারে॥
তখন তোমারি সৌন্দর্যছবি,
ওগো কবি,
আমায় পড়বে আঁকা–
তখন বিস্ময়ের রবে না সীমা,
ওই মহিমা
আর যাবে না ঢাকা।
তখন তোমারি প্রসন্ন হাসি
পড়বে আসি
নবজীবন-‘পরে।
তখন আনন্দ-অমৃতে তব
ধন্য হব
চিরদিনের তরে॥
हि कविता मराठीत….
प्रभू, तोमार बीना जेमनी बाजे आधार माझे ..
( तोमार बीना – तुझी वीणा , जेमनी – जशी, आधार माझे – अंधारात...)
ओमनि फोटे तारा ..
(तसाच उगवतो तारा…..)
जेनो शेई बिनाटी गंभीर ताने
(जणू ती वीणा गंभीर पणे….)
आमार प्राणे बाजे तेमनी धारा..
(झंकारतेय माझ्या हृदयी...)
तो खो न नूतन सृष्टी प्रकाश हॉबे
(तो खो न – तेव्हा..हॉबे – होईल ..)
कि गौरबे हृदय अंधकारे
तो खो न स्तरे स्तरे आलोक राशी
उठबे भाशी
(उठबे भाशी – तरंगणे ...)
चित्त गगन पारे …
तो खो न तोमारी सौन्दर्य छबी ,
ओगो कोबी, आमाय पोडबे आंका —
(ओगो कोबी – हे कवी..)
तो खो न विस्मयें रबे ना सीमा,
ओई महिमा आर जाबे ना ढाका ..
(ढाका – आवरण..)
तो खो न तोमारी प्रसन्न हांशी
पोडबे आशी नब जीवन परे ..
तो खो न आनंद अमृते तब
धन्य होबो चिर दिनेर परे …
नागेंद्र नाथ गुप्त ह्यांनी केलेला ह्या कवितेचा इंग्रजी अनुवाद….
New Worlds
LORD, as thy harp sounds in the dark,
Instantly blooms the star;
Play upon it in sonorous music
In my soul,
And in the soul’s dark depth will arise
A noble new creation;
Layers of light will rise
On the other shore of the new sky.
Poet, in thy image of beauty
Will be delineated my likeness;
There will be boundless wonder,
And thy glory will be unveiled;
And I shall be blest with deathle~s joy
In the light of thy smile.
–Nagendranath Gupta, Sheaves, Indian Press, Allahabad, 1929
हि प्रार्थना ऐकुया श्रीमती सुचित्रा मित्र ह्यांच्या आवाजात…