हे एक समूह गीत रवींद्र नाथाच्या “राजा” नाटकातील…कल्याण कारी, प्रजेला आवडणारा राजा कसा असावा हे ते ह्या गाण्यात सांगतात..
আমরা সবাই রাজা আমাদের এই রাজার রাজত্বে–
নইলে মোদের রাজার সনে মিলব কী স্বত্বে?।
আমরা যা খুশি তাই করি, তবু, তাঁর খুশিতেই চরি,
আমরা নই বাঁধা নই দাসের রাজার ত্রাসের দাসত্বে–
নইলে মোদের রাজার সনে মিলব কী স্বত্বে?।
রাজা সবারে দেন মান, সে মান আপনি ফিরে পান,
মোদের খাটো করে রাখে নি কেউ কোনো অসত্যে–
নইলে মোদের রাজার সনে মিলব কী স্বত্বে?।
আমরা চলব আপন মতে, শেষে মিলব তাঁরি পথে,
মোরা মরব না কেউ বিফলতার বিষম আবর্তে–
নইলে মোদের রাজার সনে মিলব কী স্বত্বে?।
हे गाणे मराठीत…
आमरा सबाई राजा आमादेर ए इ राजार राजत्वे —
(आम्ही सर्व जण राजा, आमच्या मुळेच राजाचे राजत्व…)
नोईले मोदेर राजार शोणे मिलबो कि स्वत्वे ??
(नाही तर राजाचे आणि आमचे कसे बरे जमेल ??)
आमरा जा ख़ुशी ताई कोरी, तबु, तार खुशीतेई चोरी,
(आम्ही सर्व काही करायचे स्वातंत्र्य परंतु राजाचा आनंद हाच आमचा आनंद…)
आमरा नेई बांधा नई दाशेर राजार त्रासेर दासत्वे —
(राजा नाही आम्हाला बांधून ठेवत त्याच्या त्रासदायक दास्यत्वात…)
नोईले मोदेर राजार शोणे मिलबो कि स्वत्वे??
(नाही तर राजाचे आणि आमचे कसे बरे जमेल??)
राजा सबारे देन मान, शे मान आपनी फिरे पान,
(राजा सर्वांचा आदर ठेवतो..त्याबद्दल तो पण सर्वांसाठी आदरणीय…)
मोदेर खा टो कोरे राखे नि केउ कोनो असत्ये —
(राजा कधीच आम्हाला काही असत्य बोलून क्षुद्र लेखत नाही…)
नोईले मोदेर राजार शोणे मिलबो कि स्वत्वे??
(नाही तर राजाचे आणि आमचे कसे बरे जमेल??)
आमरा चोलबो आपण मते, शेषे मिलबो तारि पंथे,
(आम्ही आमच्या मतानुसार वागतो पण शेवटी आमचे आणि राजाचे एक मत असते..)
मोरा मोरबो ना केउ विफलतार विषम आवर्ते —
(राजात आणि आमच्यात कुठेच विषमतेची दरी नसते…)
नोईले मोदेर राजार शोणे मिलबो कि स्वत्वे??
(नाही तर राजाचे आणि आमचे कसे बरे जमेल??)
ह्या कवितेचा क्षितिश चंद्र सेन ह्यांनी केलेला इंग्लिश अनुवाद —
WE are all Kings in the kingdom of our King.
Were it not so, how could we hope in our heart to meet him!
We do what we like, yet we do what he likes;
We are not bound with the chain of fear at the feet of a slave-owning King.
Were it not so, how could we hope in our heart to meet him!
Our King honours each one of us, thus honours his own very self.
No littleness can keep us shut up in its walls of untruth for aye.
Were it not so, how could we have hope in our heart to meet him!
We struggle and dig our own path, thus reach his path at the end.
We can never get lost in the abyss of dark night.
Were it not so, how could we hope in our heart to meet him!
–Kshitish Chandra Sen, The King of Dark Chambers, Macmillan, New York, 1914.
हे समूह गान ऐकुया श्रीमती सुचित्रा मित्र आवाजात…
नुकताच एक विडिओ पहिला, त्यात इटालियन मुले हे गाणे इटालियन भाषेत गात आहेत.. खूपच सुंदर गायकी..जणू पूर्व आणि पश्चिमेचा संगम.. .. ती क्लिप पण इथे देत आहे…