२१ एप्रिल हा दिवस कादंबरी देवीची पुण्यतिथि..
कादंबरी देवी ह्या रविंन्द्र नाथाचे मोठे भाऊ ज्योतींद्र नाथाच्या पत्नी..रवींद्र नाथाची आई रवींद्र नाथ खूप लहान असताना निर्वतल्या..त्या वेळी कादंबरी देवींनीच आपल्या ह्या लहान दिराला सर्वतो परी आधार दिला..रवींद्र नाथानी जेव्हा कविता लिहायला सुरवात केली त्या वेळी त्यांच्या कवितांच्या प्रथम श्रोता होत्या कादंबरी देवी..कविंच्या साहित्यिक वाटचाली मधील त्या प्रथम मार्गदर्शक, समालोचक आणि प्रेरणा दायी होत्या..
हि कविता रवींद्र नाथानी कादंबरी देवींना उद्देशून रचली आहे.. ..वयाच्या अवघ्या १९ व्या वर्षी…
তোমারেই করিয়াছি জীবনের ধ্রুবতারা,
এ সমুদ্রে আর কভু হব নাকো পথহারা॥
যেথা আমি যাই নাকো তুমি প্রকাশিত থাকো,
আকুল নয়নজলে ঢালো গো কিরণধারা॥
তব মুখ সদা মনে জাগিতেছে সংগোপনে,
তিলেক অন্তর হলে না হেরি কূল-কিনারা।
কখনো বিপথে যদি ভ্রমিতে চাহে এ হৃদি
অমনি ও মুখ হেরি শরমে সে হয় সারা॥
हि कविता .मराठीत.
तोमारे इ कोरिया छि जीवनेर ध्रुव तारा,
(तूच माझ्या आयुष्यातील ध्रुव तारा..)
ए समुद्रे आर कभु होबो नाको पथ हारा …
(जो मला ह्या जीवनी पथ दर्शक..)
जेथा आमि जाई नाको तुमि प्रकाशित था को ,
(मी जिथे हि जाईन तिथे तूच प्रकाशित होऊन मार्ग दाखवशील…)
आकूल नयन जले ढा लो गो किरण धारा..
(तुझ्या नयनाच्या प्रकाश किरणातून…)
तब मुख सदा मने जागिते छे संगोपने ,
(तुझीच सतत आठवण असते...)
तिलेक अंतर होले ना हेरि कुल किनारा …
(तू जर नाही दिसलीस तर मी गोंधळून जातो…)
कोखोनो विपथे जदि भ्रमि ते चाहे ए हृदि
(संकट काळी कधी हे हृदय जर अयोग्य मार्गी गेले )
अ मनि ओ मुख हेरि शरमे शे होय सारा …
(तर तुझ्या दर्शनानेच ते योग्य मार्गी येईल…)
वसंत कुमार रॉय ह्यांनी केलेला ह्या कवितेचा इंग्लिश अनुवाद..
The Polar Star
I have made you the polar star of my existence, never again can I lose my way in the voyage of life.
Wherever I go you are always there to shower your beneficence all around me.
Your face is ever present before my mind’s eyes.
I almost lose my mind, if I lose sight of you even for a moment.
Whenever my heart is about to go astray, just a glance of you makes it feel ashamed of itself.
–Basanta Koomar Roy, Rabindranaath Tagore: The Man and His Poetry, Dodd, Mead & Co., New York,1925
हे गाणे ऐकुया सागर सेन ह्यांच्या आवाजात…