हे एक रवींद्र नाथानी रचलेले बाऊल गीत आहे..हे गाणे म्हणतेय एक नौका…
তোমার খোলা হাওয়া লাগিয়ে পালে টুকরো করে কাছি
আমি ডুবতে রাজি আছি আমি ডুবতে রাজি আছি॥
সকাল আমার গেল মিছে, বিকেল যে যায় তারি পিছে গো–
রেখো না আর, বেঁধো না আর কূলের কাছাকাছি॥
মাঝির লাগি আছি জাগি সকল রাত্রিবেলা,
ঢেউগুলো যে আমায় নিয়ে করে কেবল খেলা।
ঝড়কে আমি করব মিতে, ডরব না তার ভ্রূকুটিতে–
দাও ছেড়ে দাও, ওগো, আমি তুফান পেলে বাঁচি॥
हेच गाणे मराठी त..
तोमार खोला हवा लागिये पाले टूकरो करे का छि
(तुझा सुसाट वारा तोडू देत हि शिडाची दोरी…)
आमि डुबते राजी आ छि आमि डुबते राजी आ छि
(तयार आहे मी बुडून जायला….)
सकाळ आमार गेलो मिछे , बिकेल जे जाय तारि पिछे गो —
(सकाळ माझी गेली व्यर्थ..आणि संध्याकाळ (पण) तशीच चाललीय…)
रेखो ना आर, बेंधो ना आर कुलेर का छा का छि ..
(नका बांधून ठेवू मला ह्या किनारी…कुल – किनारा )
माझिर लागि आ छि जा गि सकल रात्री बेला,
(नावाड्याची वाट बघितली पूर्ण रात्र भर…माझि – नावाडी..)
ढेंऊ गुलो जे आमाय निये करे केवल खेला ..
(ह्या लाटा खेळताहेत माझ्याशी… ढेंऊ – लाटा ..)
झड के आमि करबो मि ते , डरबो ना तार भ्रुकुटीते —
(वादळाला मी करेन साथी..नाही घाबरणार त्याला.. मि ते – मित्र , साथी , झड – वादळ , तुफान ..)
दाओ छेडे दाओ, ओगो, आमि तुफान पेले बां चि —
(द्या मला सोडून…आता मला तुफानच हवय…)
नागेंद्र नाथ गुप्ता ह्यांनी केलेला ह्या कवितेचा इंग्लिश अनुवाद —
Song of the Boat
IF Thy open wind hit the sail
I am willing to tear the rope to shreds
And to sink.
Vainly has passed my morn
And the afternoon follows it;
Do not keep the boat longer
Tied near the shore.
Waking I have spent the whole night
Waiting for the helmsman;
And through the livelong night
The waves have sported with me.
I’ll make the storm my friend
I’ll not be awed by his frown;
Let me go, oh, let me go,
I’ll be happy to meet the storm.
हे गाणे ऐकुया सुचित्रा मित्र ह्यांच्या आवाजात..