हे एक प्रेम गीत आहे .. रवींद्र नाथाच्या ‘मायार खेला’ (मायेचा खेळ) ह्या गीति नाट्यातील … আমার পরান যাহা…
हे दोन दिवस इथे खूप पाऊस पडला..ढग दाटून अगदी काळोख झाला होता आणि दिवस भर पाऊस…परत सगळा आसमंत हिरवागार झालाय……
आज हे एक ब्रम्ह संगीत ऐकुया.. আছে দুঃখ, আছে মৃত্যু, বিরহদহন লাগে। তবুও শান্তি, তবু আনন্দ, তবু অনন্ত জাগে॥তবু প্রাণ নিত্যধারা, …
ह्या ८ मे ला रवींद्र जयंती साजरी झाली..बांग्ला कॅलेंडर नुसार हि तारीख असते २५ वैशाख.. पश्चिम बंगाल मध्य हा दिवस…
हि आणखी एक कविता..रवींद्र नाथानी कादंबरी देवीच्या मृत्यू पश्चात रचलेली …. আজি শরততপনে প্রভাতস্বপনে কী জানি পরান কী যে চায়।ওই শেফালির…




