हे आणखी एक वर्षा गीत… এসো এসো ওগো শ্যামছায়াঘন দিন, এসো এসো। আনো আনো তব মল্লারমন্দ্রিত বীন॥ বীণা বাজুক রমকি ঝমকি, বিজুলির অঙ্গুলি নাচুক…
आज संध्याकाळ पासून पुन्हा पाऊस सुरु झालाय..हे रवींद्र नाथाचे आणखी एक पाऊस गाणे पाहूया.. এসো গো, জ্বেলে দিয়ে যাও প্রদীপখানি …
COVID 19 चा प्रसार रोखण्यासाठी बरेच दिवस इथे लॉक डाउन चालू होते..पण आता बाहेर प्रवासाची अनुमती मिळाली आहे आणि हळू…


