तोरा शुनिस नि कि ..

रवींद्र नाथाच्या गीतांजली काव्य संग्रहातील हे एक गीत पाहूया..तोरा शुनिस नि कि.. तुम्हाला ऐकू येत नाहीत का त्याचे (परमेश्वराचे )…

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तुमि कि केबोल इ छोबि …

बांगला वर्ष १३२१ च्या कार्तिक महिन्यात रवींद्र नाथ अलाहा बाद ला त्यांच्या मोठ्या बहिणीच्या मुलाकडे (सत्यप्रसाद गांगुली) गेले होते..तिथे त्यांना…

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अनेक दियेछो नाथ…

आज हे एक ब्रम्ह संगीत ऐकुया…रवींद्र नाथाच्या ह्या गीताला सूर दिला आहे रवींद्र नाथाचे मोठे भाऊ ज्योतिरिंद्र नाथ ह्यांनी…. অনেক…

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स्वप्न लोकेर चाबी ….

ह्या रवींद्र गीतात कवी स्वप्न भूमी कुठेय? तिची चावी आहे कुणाकडे? कुणाला ती कधी मिळते का?? असे विचारताहेत… স্বপন-পারের ডাক…

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अजाना खणिर, नूतन मणिर ..

 आज हे रवींद्र नाथानी रचलेले एक प्रेम गीत पाहूया … অজানা খনির নূতন মণির গেঁথেছি হার,     ক্লান্তিবিহীনা নবীনা বীণায় বেঁধেছি…

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शे जे पाशे एशे बोशेछिलो …

हि रवींद्र नाथाच्या गीतांजली काव्य संग्रहातील एक कविता.. সে যে   পাশে এসে বসেছিল,   তবু জাগি নি।কী ঘুম তোরে পেয়েছিল   হতভাগিনি॥      এসেছিল…

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आमारे करो तोमार वीणा …

नवीन वर्षाच्या हार्दिक शुभेच्छा… आज ऐकुया एक ब्रम्ह संगीत.. আমারে করো তোমার বীণা,   লহো গো লহো তুলে।     উঠিবে বাজি তন্ত্রীরাজি  …

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